व्रत: कल है संकष्टी चतुर्थी, इस पूजा से मिलेगी भगवान गणेश की कृपा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अश्विन मास शुरू हो चुका है और इस मास में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं। जिनमें से एक व्रत संकष्टी चतुर्थी का भी है। यह व्रत कल 05 सितंबर शनिवार को पड़ रहा है। संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। जैसा कि नाम से ही विदित होता है, संकष्टी चतुर्थी को सभी कष्टों का हरण करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान गणेश की आराधना करने से सभी तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है।  

व्रत विधि:
संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखा जाता है और और चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ा जाता है। व्रत रखने वाले जातक फलों का सेवन कर सकते हैं। साबूदाना की खिचड़ी, मूंगफली और आलू भी खा सकते हैं। मान्‍यता है कि संकष्टी चतुर्थी संकटों को खत्म करने वाली चतुर्थी है।

सितंबर: इस माह में आने वाले हैं ये व्रत और त्यौहार, देखें पूरी लिस्ट

पूजा विधि
- सबसे पहले सुबह स्नान कर साफ और धुले हुए कपड़े पहनें। 
- पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें। 
- चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछा लें।
- भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें।
- अब उन्हें जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें। 
- अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें।
- इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है।
- त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें। इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें।
- पूजन के बाद चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें. पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।


 



.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
.
...
Sankashti Chaturthi: Learn fast and method of worship
.
.
.


from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/3jJHUzx

Post a Comment

0 Comments