डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद दशवें दिन यानी आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को देशभर में दशहरे (Dussehra) का पर्व मनाया मनाया जाता है। इस बार दशहरा या विजयादशमी का पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पितृपक्ष के बाद अधिकमास लगने की वजह से नवरात्र, दशहरा और सभी एक महीने देर से आएंगे।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, दशहरे दिन ही भगवान राम ने लंका के राजा निशाचर रावण का वध किया था। इसी की खुशी में दशमी तिथि को विजयादशमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का पूजा मुहूर्त...
17 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्रि, देखें किस देवी की किस दिन होगी पूजा
पूजा मुहूर्त
तिथि शुभारंभ: 25 अक्टूबर, 7 बजकर 41 मिनट से
तिथि समापन: 26 अक्टूबर, 8 बजकर 59 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 02 बजकर 40 तक
पूजा का समय: दोपहर 01 बजकर 11 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक
परंपरा
विजयदशमी को हथियार (अस्त्र-शस्त्र) पूजने की परंपरा भी है। बहुत सी जगहों पर तो दशहरे के दिन रावण दहन का विशाल आयोजन होता है। मान्यता है कि इस दिन महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा और भगवान राम की पूजा करनी चाहिए। इससे सम्पूर्ण बाधाओं का नाश होता है। इससे आपको जीवन में विजय श्री प्राप्त होगी।
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बता दें कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि में शुरू होने वाली रामलीला का मंचन दशमी को यानी दशहरे के दिन रावण के दहन के साथ समाप्त होता है। वहीं कुछ लोग दशहरा को पान खाने का सगुन करते हैं।
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