संयुक्त राष्ट्र, 23 अगस्त (आईएएनएस)। धार्मिक विश्वास के आधार पर हिंसा के शिकार हुए लोगों के लिए मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से नफरत और भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया, दुनिया में कोरोनावायरस फैलने के बाद नस्लवाद में हुई बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी देते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने शनिवार को अपना संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि महामारी के साथ-साथ कलंक और नस्लवादी समुदायों के घृणित कामों में भी बढ़ोतरी हुई है, वे वीभत्स रूढ़ियों को फैला रहे हैं।
गुटेरेस ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव के उदाहरणों को जिक्र किया, जैसे कि इन लोगों और इनके धार्मिक स्थलों पर हमले, उनके धर्म या विश्वास को निशाना बनाकर उनके खिलाफ किए गए अपराध आदि।
उन्होंने ऐसे मामलों पर ध्यान देने और भेदभाव को खत्म करने के लिए काम करने की अपील की। साथ ही कहा कि विविधता के समावेश और सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए।
महासचिव ने आगे कहा, धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता का अधिकार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में ²ढ़ता से भरा हुआ है। यह समावेशी, समृद्ध और शांतिपूर्ण समाजों के लिए एक आधारशिला है।
बता दें कि 22 अगस्त को धार्मिक विश्वास के आधार पर हिंसा के शिकार हुए लोगों को चिन्हित करने के लिए इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
एसडीजे-एसकेपी
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